Poetry

जुदा सा ये जहाँ

जुदा सा ये जहाँ
जुदा जुदा सी हर दिशा।
गुम है ये जुस्सत्जु
गुम गुम सा तेरा नशा।
सुना सा ये दिल
सुना सुना सारा मकां।
प्यासी है जमी
प्यासा प्यासा आशमा॥
खफा हुए जो तुम
खफा खफा सा ये शमा॥

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Poetry

उलफते वफा

अब उलफते वफा हम क्या करेगे
तुझे बदनाम हम क्या करेगे
सोती थी किस्मत हमारी ही
तो तुझे खुदा से चुराने का कैसे सोचेगे