Poetry

आज भी

चिलमन से वो
अाज भी छाक जाती है
उसके नाम से आँखे
आज भी नम हो जाती है
एक तिरझी मुस्कान से
किस्मत मुझे छेड़ जाती है
उसके नाम पे धड़कन
अाज भी थम जाती है
उसके नाम पे धड़कन
आज भी थम जाती है
उसकी बेवफाईयाँ ही अब
वफा कर जाती है
उस के नाम पर
आज भी साँसे रूक जाती है

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