Poetry

तन्हाईया

dangerous-loneliness

तन्हाइयों से अब
दोस्ती हो सी गयी,
दोस्ती अब ये ओर भी
गहरी हो गयी,
सीख लिया हमने
तन्हा रहना भी,
तन्हाइयों की दुनिया से अब
अलग सी यारी हो गयी,
जो अपने है उन से
मैं बेगानी सी हो गयी,
बेगानों मे अपनों की
कहानी सी हो गयी,
निकलती है इस फलक पर
धुप आज भी,
पर अंधेरो से हमारी
पहचान पुरानी सी हो गयी|

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