Poetry

इन्तजार

कुछ युं सुमां है हममे,

इन्तजार-ए-आलम का नशा।

हम पलक भी झपकते है,

तो सदीया गुजर जाती है।।

Advertisements
Poetry

मिराज

रेगिस्तान की ढलती श्याम मे
तेरा साथ एक मिराज सा था।
जो लम्हा बिताया साथ मे
मेरी आँखों का ख्वाब सा था।।