Poetry

नहीं आता

न हिंदी आती है
न उर्दू आती है
न कोई और भाषा
आता है तो बस
इन कागजो पर
हाल-ए-दिल बया करना|

न तोल तू मेरे
इन लफ्जो को
इस दुनिया की भाषा से
इस जुबा को तो
ठीक से “श”
कहना भी नहीं आता|

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“नहीं आता&rdquo पर एक विचार;

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